पर्व व त्योहार🦚श्री कृष्ण
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी
तिथि एवं शुभ मुहूर्त: भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष अष्टमी (रोहिणी नक्षत्र)
मथुरा के कारागार में पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण के अवतरण का आनंदमय महापर्व।
पर्व का आध्यात्मिक महत्व:
अधर्म, अत्याचार और कंस रूपी अहंकार के विनाश तथा धर्म व प्रेम की स्थापना का दिव्य उत्सव।
शास्त्रसम्मत पूजा विधि एवं नियम
- 1दिनभर उपवास रखें और भगवान के बाल स्वरूप (लड्डू गोपाल) का सुंदर श्रृंगार करें।
- 2मध्यरात्रि ठीक १२ बजे शंख, घंटी की ध्वनि के साथ पंचामृत से अभिषेक कराएं।
- 3माखन-मिश्री, पंजीरी, तुलसीदल और चरणामृत का भोग लगाएं।
- 4झूला झुलाएं और आरती कर प्रसाद वितरण करें।