पर्व व त्योहार🏹श्री राम
🏹
श्री राम नवमी
तिथि एवं शुभ मुहूर्त: चैत्र मास, शुक्ल पक्ष नवमी (मध्याह्न)
अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के प्राकट्य का परम पावन दिवस।
पर्व का आध्यात्मिक महत्व:
सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्श रूप प्रभु श्री राम के आविर्भाव का उत्सव।
शास्त्रसम्मत पूजा विधि एवं नियम
- 1मध्याह्न १२ बजे "भए प्रगट कृपाला दीनदयाला" गाते हुए श्री राम जन्मोत्सव मनाएं।
- 2श्री राम दरबार का पंचामृत से अभिषेक कर पीले वस्त्र और पुष्प अर्पित करें।
- 3धनिया की पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं।
- 4अखंड रामायण अथवा राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।